वन पंचायत हरड़ा मौलेखी सल्ट में बिना अनुमति के हरे पेड़ों का कत्लेआम , जिला प्रशासन व वन विभाग सोया है

ख़बर शेयर करें

सल्ट के एसडीएम को व्हाट्सऐप के माध्यम से शिकायती पत्र मिल जाने के 18 दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होना जनता हैरान में है कि 50 से अधिक पेड़ों का कत्ल कर दिया कोई एक्शन नहीं इससे यह दर्शता है कि क्षेत्र के कुछ दबंग लोगों के दबाब में कार्रवाई कर पाने की हिम्मत नहीं जुट पा रही है। इस मामले में चन्द्रशेखर मैलेखी हैरत में है कि इतने वक्त तक कोई एक्शन नहींे लेने का कारण क्या हो सकता है यह बात तो सब समझ गये होगें कि मामला क्या है

अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र के हरड़ा मौलेखी में रोड कटान के कार्य में जेसीबी से 50 से अधिक चीड़ के पेड़ों का जड़ से उखाड़कर निशान तक मिटा दिये है , पूरे क्षेत्र में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने का सबसे बड़ा मामला सामने आया है।इस मामले को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य चन्द्रशेखर मौलेखी ने एसडीएम सल्ट ,रेंजर वन विभाग को पत्र में साफ लिखा है कि बिना किसी सरकारी अनुमति के 50 से अधिक चीड़ हरे पेड़ों का कत्ल कर दिए है, साथ ही काटे गये हरे चीड़़ के पेड़ों के निशान तक मिटा दिए गये है। वन विभाग, जिला प्रशासन सोया पड़ा है ऐसे में क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष है।

सल्ट (नन्दा टाइम्स ) । अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र के हरड़ा मौलेखी में रोड कटान के कार्य में जेसीबी से 50 से अधिक चीड़ के पेड़ों का जड़ से उखाड़कर निशान तक मिटा दिये है , पूरे क्षेत्र में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने का सबसे बड़ा मामला सामने आया है।इस मामले को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य चन्द्रशेखर मौलेखी ने एसडीएम सल्ट ,रेंजर वन विभाग को पत्र में साफ लिखा है कि बिना किसी सरकारी अनुमति के 50 से अधिक चीड़ हरे पेड़ों का कत्ल कर दिए है, साथ ही काटे गये हरे चीड़़ के पेड़ों के निशान तक मिटा दिए गये है। वन विभाग, जिला प्रशासन सोया पड़ा है ऐसे में क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष है।

आपको बता दें कि चन्द्रशेखर मौलेखी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ने एसडीएम सल्ट ,वन विभाग को अपने शिकायती पत्र के माध्यम से लिखा है कि ग्राम सभा हरड़ा मौलेखी में वन पंचायत क्षेत्र में रोड निमार्ण में बिना अनुमति के आने वाले चीड़ के 50 से अधिक पेड़ों को जेसीबी से जड़ से उखाड़ कर पेड़ के निशान को भी मिटा दिया गया है । चन्द्रशेखर मैखोली के आरोप लगाया है कि इस मामले की जानकारी एसडीएम सल्ट व रेंजर को दूरभाष से जानकारी दी गई थी ,शिकयती पत्र मिले 18 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन व वन विभाग कोई हरकत में नहीं आया जबकि वन विभाग की चौकी वन पंचायत से लगी हुई है वहां पर वन दरोगा , वन वीट अधिकारी हरे पेड़ों के कटने से रोकने के बजाय नजारा देखने में मस्ते थे ,चन्द्रशेखर मैखोली पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ने लिखा है कि यह विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही व गैर जिम्मेदाराना को दर्शाता है। रोड कटिंग की शुवात में ही सल्ट उसडीएम व वन रेंजर को इस मामले की जानकारी देने के आद भी कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया इससे प्रतीत होता है कि यह मामला मिलीभगत है । उन्होनें लिखा है कि इस क्षेत्र में कुछ बाहरी लोगों ने जमीनें खरीदी हुई है उनके लिए आने जाने के लिए रोड न होने से अपना आशयाना नहीं बना पा रहे है इसी वजह से बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इन हरें पेड़ों का कत्ल कर दिया जबकि ग्रामीणों की सहमति हुई थी कि मंदिर तक जानें में कोई भी हरे पेड़े नहीं काटें जायेगें ।इस क्षेत्र में बाहरी लोगों जमीन लेकर छोड़ी है।
अब इस मामलें की जांच भारी दबाब के चलते अधर में लटका दिया है ,ऐसे में चन्द्रशेखर मौलेखी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मांग की है कि इस मामले की सीघ्र स्थलीय संयुक्त जांच हो , इस मामले में ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका भी कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच सीघ्र नहीं होती है तो वन ,एवं सल्ट प्रशासन के अधिकारियों का घेराव किया जायेगा ।

You cannot copy content of this page