उपनल कर्मचारियों के पक्ष में नैनीताल हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
नैनीताल। हाई कोर्ट ने प्रदेश के सरकारी विभागों में सालों से कार्यरत उपनल संविदा कर्मचारियों को आदेश के बाद भी नियमित नहीं करने व न्यूनतम वेतनमान नही दिए जाने तथा वेतन से जीएसटी काटे जाने के विरुद्ध दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की।
गुरुवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को कैबिनेट में रखा गया है, जिस पर निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांगा गया।
न्यायालय ने कहा कि इस विषय पर अलग से समय दिया जाएगा लेकिन पूर्व के आदेशों का अनुपालन अब तक क्यों नही हुआ। जो कि कोर्ट के आदेशों को अवहेलना है। क्यों ना कोर्ट के आदेशों का अनुपालन न करने पर अधिकारियों के विरुद्ध आरोप तय किए जाएं। कोर्ट ने सरकार को मंगलवार तक यह बताने को कहा है कि कोर्ट के आदेशों का अनुपालन क्यों नही हो रहा है।न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश शासकीय अधिवक्ता की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए दो दिन का समय मांगा गया।
कोर्ट ने शासन की ओर से प्रस्तुत एक अनुबंध पर भी गहरी नाराजगी जताते हुए प्रथम दृष्टया यह माना कि यह अनुबंध न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध है। सरकार से पूछा कि न्यूनतम वेतनमान और जीएसटी कटौती रोकने जैसे स्पष्ट आदेश होने के बावजूद नए अनुबंध की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
