रुद्रप्रयाग में नगरासू गुरुद्वारे की छत पर अभी भी डटे हैं निहंग सिख

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देहरादून: रुद्रप्रयाग जिले में निहंग सिख ों और गुरुद्वारे के सेवादारों के बीच हुए विवाद का मामला बढ़ता ही जा रहा है। निहंग सिख हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा मार्ग पर स्थित नगरासू गुरुद्वारे की छत पर डट गए हैं और वे पिछले 24 घंटों से वहीं डेरा डाले हुए हैं। इस बीच, 55 वर्षीय सिख तीर्थयात्री के कथित अपहरण की खबरों के बाद चिंता बढ़ गई 

सिख तीर्थयात्रियों ने कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हिरासत में लिए गए निहंग सिखों को रिहा नहीं किया गया, तो देश भर से बड़ी संख्या में निहंग सिख उत्तराखंड आएंगे। विवाद के बाद सुरक्षा कड़ी करने के साथ ही इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थी।

बीते दिन रुद्रप्रयाग की एसपी निहारिका तोमर ने कहा था, 20 जून, 2026 को दोपहर 3:40 बजे, रुद्रप्रयाग पुलिस कंट्रोल रूम को 112 के जरिए सूचना मिली कि नगरासू गुरुद्वारे में दो गुटों के बीच विवाद हो गया और उनके बीच बहस चल रही है। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर शांति व्यवस्था कायम कराती है।

एसपी ने बताया कि जानकारी लेने पर पुलिस को यह पता चलता है कि गुरुद्वारे के सेवादारों और वहां आए निहंग सिख यात्रियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस की ओर से बातचीत की गई। इसके बाद निहंग सिख गुरुद्वारे के छत पर चले गए और उन्होंने रास्ते को बंद कर दिया। प्रशासन, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से लगातार बातचीत की जा रही है और उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश की जा रही है

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