पुलिस की दंबगई : पुलिस के दरोगा के बेटे को नकल से रोका तो पॉलिटेक्निक संस्थान पहुंचे दरोगा पिता, दरोगा ने कर दी शिक्षकों की धुनाई
उत्तराखंड की पुलिस को मित्र पुलिस की उपाधि दी गई थी ,लेकिन वर्तमान में मित्र पुलिस होने की के बजाय शत्रु पुलिस का काम निभा रही है। उत्तराखंड पुलिस की छवि प्रदेश की जनता के अलावा दूसरे प्रदेश की जनता के बीच दिन -प्रतिदिन धुमिल होते जा रही है
पिता महेश कंडवाल उत्तराखंड पुलिस के संचार विभाग में दरोगा , मामा एसटीएफ में देहरादून में तैनात हैं।
देहरादून । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से अजीब मामला सामने आया है। दरोगा महेश कंडवाल पर गंभीर आरोप लगा है। पिट्घ्ठूवाला स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संथान पहुंच कर दरोगा ने शिक्षकों की पिटाई कर दी। इसका कारण उनके बेटे को नकल करने से रोकना बताया जा रहा है। हालांकि, दरोगा ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की पिटाई किया गया है। दूसरी तरफ शिक्षकों ने आरोप लगाया कि दरोगा का बेटे परीक्षा में नकल कर रहा था। नकल से रोकने की कोशिश किए जाने के बाद वह अपने पिता को ले आया। इसके बाद उनके साथ पिटाई की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है। वीडियो बनाने के दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों और महिला कर्मियों के साथ बदसलूकी का भी आरोप लगा है।
सोशल मीडिया पर छात्र के नकल करने का भी वीडियो वायरल हुआ है। इसमें देखा जा सकता है कि वह अपने पीछे बैठे परीक्षार्थी से नकल कर रहा है। मामला 4 जून का है। राजकीय पॉलिटेक्निक में परीक्षा चल रही थी।
शिक्षक बच्चों के भविष्य को संवारते है बिगाड़ते नहीं ,शिक्षकों के साथ मारपीट करने के बाद भी दरोगा के बेटे को राहत दी लेकिन फिर भी बाप के दरोगा होने का रौप शिक्षकों को दिखाते रहा
संस्थान प्रशासन के अनुसार, सिविल इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष का छात्र कबीर कंडवाल अपनी सीट पर बैठे-बैठे पीछे बैठे सेकेंड ईयर आईटी के छात्र से बात करने की कोशिश करता रहा। सीसीटीवी में दिखा कि वह कई बार पीछे मुड़कर बातचीत कर रहा है। बाद में वह अपनी सीट से उठकर दूसरे छात्र की सीट तक भी पहुंच गया। क्लास में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। इसके बाद टीचर ने दोनों छात्रों को बुलाकर पूछताछ की।
पुलिस में पिता के होने की बात
कॉलेज शिक्षकों ने कहा कि मामले में अंतिम वर्ष के छात्र को लिखित माफीनामा देने के लिए कहा गया। इस दौरान उसने शिक्षकों को धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि पापा पुलिस में हैं। बाद में शिक्षकों ने फाइनल ईयर का छात्र होने के कारण कबीर कंडवाल को फिर से परीक्षा में बैठने दिया। शिक्षकों ने कहा कि सख्त एक्शन से उसका करियर खराब हो सकता था, इसलिए राहत दी गई।
परिवार के साथ पहुंचा छात्र
सिविल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर का छात्र 5 जून को एक बार फिर अपने परिवार के साथ संस्थान में पहुंच गया। उसके साथ उसके पापा-मामा और कुछ महिलाएं भी थी। शिक्षकों का आरोप है कि परिजन सीधे परीक्षा नियंत्रण कक्ष में पहंचे। कंट्रोल रूप में मौजूद शिक्षक-कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। शिक्षकों का आरोप है कि छात्र के परिजनों ने उन लोगों के साथ खूब गाली-गलौच की। रूम में रखी कुर्सियों से भी शिक्षकों को मारा गया।
संस्थान में विवाद बढ़ने पर पुलिस को बुलाया गया। शिक्षकों का आरोप है कि पुलिस के पहुंचने के बाद भी हंगामा होता रहा। शिक्षक संगठन ने घटना के विरोध में प्रदर्शन की बात कही है। आरोपियों पर कार्रवाई की बात कही गई। वहीं, छात्र के परिजन बेटे के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने शनिवार को काली पट्टी बांधकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की।
शिक्षकों के साथ मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि छात्र के मामा और पिता कॉलेज के कंट्रोल रूम में घुसकर शिक्षकों को थप्पड़ मार रहे हैं। वे वहां रखी कुर्सियां भी पटक रहे हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पटेल नगर थाने में तहरीर दी। छात्र के पिता और मामा दोनों पुलिस में हैं। दोनों की पक्षों की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है
छात्र कबीर कंडवाल के पिता महेश कंडवाल उत्तराखंड पुलिस के संचार विभाग में दरोगा हैं। मामा एसटीएफ में तैनात हैं। वे देहरादून में ही तैनात हैं। घटना के दिन वीडियो बनाए जाने पर भी छात्र के साथ आए परिजन कर्मचारी-शिक्षकों पर नाराज हुए थे। उन्होने रिकॉर्डिंग को रोकने की कोशिश की।
