उत्तराखंड में नजूल भूमि पर मालिकाना हक की जगी उम्मीद की किरण, रह रहे परिवारों को मिलेगी राहत

ख़बर शेयर करें

रुद्रपुर। विधानसभा चुनाव निकट हैं, ऐसे में एक बार फिर रुद्रपुर की नजूल भूमि पर वर्षों से बसे 20 हजार से अधिक परिवारों को मालिकाना हक मिलने की उम्मीद जग रही है।

शहर विधायक ने पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर इस पर कानून प्रक्रिया पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में ठोस पैरवी कराने का भरोसा दिया है। उसके बाद विधायक ने हाई कोर्ट में एडवोकेट जनरल एसएन बदुलकर व मुख्य स्थायी अधिवक्ता पूरन सिंह बिष्ट से भी मुलाकात की है। विधायक की इस कसरत से बड़े मामले में सकारात्मक निर्णय की आस जाग गई है।

विधायक शिव अरोरा ने बताया कि विधायक बनने से पहले उन्होंने नजूल भूमि पर रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिलाने का संकल्प लिया था। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भरपूर सहयोग रहा। उनकी पहल पर रुद्रपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान करीब 3200 परिवारों को 50 वर्ग मीटर तक भूमि का निश्शुल्क मालिकाना हक प्रदान किया गया था।

इसका लाभ रम्पुरा, बंगाली कालोनी, संजयनगर खेड़ा, रविंद्र नगर, दूधिया नगर, खेड़ा और भदईपुरा आदि कई क्षेत्रों के लोगों को मिला था। हालांकि, 16 अप्रैल 2025 को उच्च न्यायालय की एकल पीठ द्वारा नजूल भूमि पर मालिकाना हक दिए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई, जिसके बाद हजारों पात्र परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल सका।

You cannot copy content of this page