हल्द्वानी सड़क चौड़ीकरण को निजी संपत्तियां तोड़ने का मामले में हाईकोर्ट ने मियाद बढ़ाई
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने हल्द्वानी में शहर के सौंदर्यीकरण और सड़क चौड़ीकरण के लिए निजी सम्पतियों को तोड़े जाने को लेकर दायर कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। खंडपीठ ने पूर्व में दिए गए अंतरिम आदेश को अगली तिथि तक बढ़ा दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 जून को होगी।
मामले के अनुसार, हल्द्वानी के ओके होटल और होटल हैप्पी होम सहित कई अन्य ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर कहा कि मंगल पड़ाव से लेकर रोडवेज बस स्टेशन तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिसकी जद में आ रहे निजी सम्पतियों के धारकों को अल्प समय का नोटिस देकर उन्हें तोड़ने के आदेश जारी किए हैं, जो नियमविरुद्ध हैं। उनका पक्ष सुनने का उचित समय तक उन्हें नहीं दिया जा रहा है। याचिकाओं में यह भी कहा गया कि वे वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे है।
अब निगम व प्रशासन उन्हें अतिक्रमण के नाम पर हटा रहा है। उनको सुनवाई का मौका तक नहीं दिया गया। याचिकाओं में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि उनका पक्ष सुने बिना उन्हें नहीं हटाया जाए। वहीं, नगर निगम की तरफ से कहा गया कि, अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया है और उनका पक्ष सुनने के बाद ही अतिक्रमण हटाया जा रहा है। प्रशासन व निगम द्वारा रोड चौड़ीकरण के लिए सरकारी भूमि पर बनी दीवारों, आवासों को हटाया गया है।
