कैंचीधाम में जाम की समस्या हुई विकराल ,समाधान शून्य
12 घंटे के जाम से लोग भूखे प्यासे तड़प रहे है। जिला व पुलिस प्रशासन मौज में
पुलिस प्रशासन के दावों के बावजूद यातायात व्यवस्था बेपटरी, 15 जून के स्थापना दिवस को लेकर बढ़ी चिंता
कैंची धाम की बदहाल स्थिति
श्रद्धालुओं की बढ़ती परेशानी
प्रशासन की तैयारी पर सवाल
भविष्य के लिए चुनौतियाँ
नैनीताल और उसके आसपास के मार्गों पर स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।
प्रशासन ने जाम से निजात दिलाने के कई वादे किए थे। हालाँकि, ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राहगीरों के लिए यह समस्या अब रोज़मर्रा का सिरदर्द बन चुकी है। भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।
हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए यहाँ आते हैं। साथ ही, पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। इस कारण यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। कई यात्री अपने गंतव्य तक समय पर पहुँचने में असमर्थ हो रहे हैं।पहाड़ को जाने वाले व पहाड़ से हल्द्वानी अने वाले यात्री के बीच इस स्थिति को लेकर काफी रोष व्याप्त है। घंटो जाम में फंसे रहने से उनकी हवाई व रेल छूट जा रही है जिसे उनके साथ छोटे बच्चें परेशान हो रहे है। जिसे लोगों में भारी गुस्सा है। सबसे मुख्य सवाल है कि बाहरी पर्यटकों द्वारा मनमाने ढंग से वाहन खड़ा करने से समस्या और जटिल हो गई है। लोग समय पर अपने कार्यालय या स्कूल तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। पुलिस ने आजतक कोई सख्ती नहीं दिखाई जिसे अव्यवस्थायें दिन -प्रतिदिन बिगड़ रही है।
आगामी 15 जून को बाबा नीम करौली महाराज का स्थापना दिवस मनाया जाना है। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्तों के आने की संभावना है। फिलहाल, प्रशासन की तैयारियों को देखकर लोग काफी चिंतित नज़र आ रहे हैं।
कुछ ही पुलिसकर्मियों के भरोसे पूरी यातायात व्यवस्था को छोड़ दिया गया है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो स्थापना दिवस पर हालात और बिगड़ सकते हैं। यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि प्रशासन को ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।
मुख्य समस्याएँ -‘अत्यधिक वाहनों का दबाव।
यातायात पुलिस बल की भारी कमी। अनुशासनहीन पार्किंग और ड्राइविंग।स्थापना दिवस को लेकर बढ़ता हुआ जनसैलाब।
प्रशासन ने जाम मुक्त यात्रा का दावा किया है। तथापि, धरातल पर दावों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। अगर अभी से स्थिति नियंत्रण में नहीं आई, तो जून के मध्य में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
स्थानीय निवासियों में जिला प्रशासन पुलिस प्रशान के प्रति बिगड़ती व्यवस्था से भारी रोष है उनकी मांग है कि इस पर सीघ्र से सीघ्र समाधान हो जिसे आने जाने वाले लोगों को घंटो जाम से निजात मिल सके । यह भी मांग की है कि उच्चाधिकारी स्वयं इस मार्ग का निरीक्षण करें। अतः, पुलिस प्रशासन को अब अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।
