आईएमपीसीएल के निजीकरण के विरोध में धरना 11वें दिन भी जारी
मौलेखाल(अल्मोड़ा)। मोहान में स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन बृहस्पतिवार को 11वें दिन भी जारी रहा। फैक्टरी गेट पर चल रहे धरना-प्रदर्शन को विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। बृहस्पतिवार को करणी सेना और ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और निजीकरण के फैसले का विरोध करते हुए कर्मचारियों को समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि फैक्टरी से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी है, ऐसे में निजीकरण से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कर्मचारी संघ अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत ने आरोप लगाया कि निगम की वास्तविक वैल्यूएशन करीब 193 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जबकि इसे 121 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकार को करीब 72 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कर्मचारियों और पदाधिकारियों की ओर से निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त करने की मांग दोहराई। उन्होंने निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौधरी, ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं करणी सेना संरक्षक हेम भट्ट, हरीश प्रकाश, करणी सेना प्रदेश महिला अध्यक्ष कल्पना वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित जोशी, प्रदेश महामंत्री सुभाष चंद्रा, जिलाध्यक्ष कपिल नेगी, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष लाखन सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
