हरिद्वार में बिरयानी और पुलाव को लेकर मचा बवाल, साधु संतों ने मचाया बबाल

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हरिद्वार : हरिद्वार में वेज बिरयानी के नाम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अखंड परशुराम अखाडा के साधु-संतों ने दुकानों और ठेलों पर लगे वेज बिरयानी के बोर्ड और स्टिकर हटा दिए,विरोध करने वाले साधु संतों का कहना है कि बिरयानी शब्द हैदराबाद से आया है और ये मुस्लिम शब्द है। उनका कहना है कि ऐसे में हरिद्वार में इसका इस्तेमाल धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं के अनुरूप नहीं है।

अखंड परशुराम अखाडा के अध्यक्ष अधीर कौशिक का कहना है कि सावन का पवित्र महीना आने वाले है, उससे पहले बिरयानी की जगह पुलाव लिखना होगा। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में शासन प्रशासन को भी उनके साथ आना चाहिए। परशुराम अखाडा के स्वामी कार्तिक गिरी महाराज का कहना है कि अखाड़ा इस पूरे मामले पर नजर रहेगा। हरिद्वार में बिरयानी शब्द नहीं रहने देंगे। अखंड परशुराम अखाडा के साधु संतों ने वेज बिरयानी की जगह वेज पुलाव करने का अभियान छेड़ा हुआ है।

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