दिल्ली बॉर्डर पर थमे ट्रक, पहाड़ का आड़ू दून-बरेली मंडी पहुंचा
हल्द्वानी। दिल्ली में ग्रीन टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर अब कुमाऊं की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। दिल्ली बॉर्डर पर ट्रकों की एंट्री बंद होते ही पहाड़ का आड़ू देहरादून, बरेली और पश्चिमी यूपी की मंडियों की ओर मोड़ना पड़ा। वहीं फल, सब्जी, कपड़ों और औद्योगिक सामान की सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। कारोबारियों के अनुसार हड़ताल लंबी चली तो सिडकुल उद्योगों का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
हड़ताल का असर रोजाना करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
हल्द्वानी समेत कुमाऊं के कई शहरों से दिल्ली जाने वाले 400 से अधिक ट्रक बुधवार रात से बॉर्डर पर ही रोक दिए गए। दिल्ली में 21 से 23 मई तक ट्रकों की एंट्री बंद होने के कारण गुरुवार को हल्द्वानी मंडी में दिल्ली से एक भी ट्रक नहीं पहुंचा। इसका सबसे बड़ा असर पहाड़ के आड़ू कारोबार पर पड़ा। नवीन मंडी हल्द्वानी आलू-फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि आड़ू से भरे करीब दस ट्रक दूसरे दिन भी दिल्ली नहीं जा सके। मजबूरी में चार ट्रक देहरादून, बरेली, बदायूं और मुरादाबाद मंडियों में भेजे गए।
आवक बढ़ने से आड़ू के दाम दूसरे दिन और टूटकर 250 से 450 रुपये प्रति दस किलो पहुंच गए। दिल्ली से सेब, अंगूर, अनानास, आम और नारियल की सप्लाई ठप होने से स्थानीय बाजारों में भी असर दिखाई देने लगा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि रोजाना करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
